यात्रा में यात्रियों को कुंभ त्रिवेणी संगम, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन, हनुमान मंदिर, तुलसी मानस मंदिर, राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी के दर्शन करवाए जाएंगे। गंगा आरती के दर्शन भी करवाए जाएंगे। ट्रेन में रहना, खाना और तीर्थ स्थल के दर्शन तक की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
ऐसे करवा सकते हैं बुकिंग
इस पैकेज की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www. irctctourism. com पर करवाई जा सकती है। इसके अलावा जयपुर स्थित आईआरसीटीसी क्षेत्रीय कार्यालय में भी बुकिंग हो रही है।
यह रहेगा यात्रा का शेड्यूल
18 फरवरी को उदयपुर से रवाना होगी। 19 फरवरी को बनारस पहुंचेगी। गंगा आरती के दर्शन करवाए जाएंगे, रात्रि विश्राम बनारस में रहेगा। 20 फरवरी को प्रयागराज के लिए रवानगी। वहां पर यात्रियों के लिए महाकुभ ग्राम के टेंट में आवास, भोजन की व्यवस्था रहेगी। भोजन के बाद यात्रियों को कुंभ के लिए भेजा जाएगा व रात्रि विश्राम भी टेंट में रहेगा।
21 फरवरी को यात्रियों को वाया रोड वाराणसी भेजा जाएगा। वहां काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन, हनुमान मंदिर व तुलसी मानस मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। रात्रि विश्राम वाराणसी में ही रहेगा। 22 फरवरी को ट्रेन के द्वारा अयोध्या ले जाया जाएगा और राम जन्मभूमि व हनुमान गढ़ी के दर्शन के बाद यात्रियों को लेकर ट्रेन वापस रवाना होगी, जो 23 फरवरी को उदयपुर लौटेगी।
दो श्रेणियों में होगा टिकट
गुर्जर ने बताया कि यात्रा दो श्रेणी में हो सकती है। स्टैंडर्ड श्रेणी के लिए किराया 28 हजार 340 प्रति व्यक्ति है। इसमें एसी ट्रेन के अलावा एसी आवास और बस की सुविधा मिलेगी। वहीं इकोनॉमी स्लीपर श्रेणी के लिए किराया 20 हजार 375 रखा गया है, जिसमें यात्रा, आवास आदि नॉन -एसी सुविधाएं होंगी। दोनों ही श्रेणियां में कंफर्म बर्थ के साथ-साथ होटल आवास, खानपान सेवा, ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्टैंडर्ड श्रेणी की सभी सीटे बुक हो गई है।
24 जनवरी को जानी थी ट्रेन
ये ट्रेन पहले 24 जनवरी को उदयपुर से रवाना होने वाली थी, लेकिन रेलवे द्वारा परिचालन परिस्थितियों के चलते इसे अब 18 फरवरी को चलाने की मंजूरी दी गई है। गुर्जर ने बताया कि यात्रा के लिए जिन यात्रियों ने पूर्व में 24 जनवरी के लिए बुकिंग करवा रखी है और अब वे यदि 18 फरवरी की नहीं जाना चाहते हैं तों उन्हें उनका पूरा रिफंड दिया जाएगा।