Bangladesh में लोकतंत्र हुआ कमजोर, डेमोक्रेसी इंडेक्स में 25 अंकों की गिरावट, रिपोर्ट में बताया क्या रहे मुख्य कारण
Democracy Index 2024: डमोक्रेसी इंडेक्स 2024 में भारत की रैंक 167 देशों में 41वीं आई है जो 2023 में भी इतनी ही थी। पाकिस्तान की 124वीं रैंक आई है जो 2023 में 6 अंक बढ़कर 118 थीं।
Democracy in Bangladesh: बांग्लादेश में 2024 के जून-जुलाई से जो राजनीतिक अस्थिरता शुरू हुई है वो खत्म होने के नाम नहीं ले रही है। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मुल्क में नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी लेकिन इसके बाद भी बांग्लादेश में बड़े स्तर पर अराजकता हुई। हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार, हिंसा ने बांग्लादेश (Bangladesh Violence) की छवि वैश्विक स्तर पर काफी खराब हुई। अब गुरुवार को इकोनॉमिक इंटेलीजेंस यूनिट की जो डेमोक्रेसी इंडेक्स 2024 की रिपोर्ट (Democracy Index 2024) आई है उसमें भी इसका असर साफ देखा गया। इस रिपोर्ट में बांग्लादेश 167 देशों में 100वें नंबर आया है। जो 2023 के मुकाबले 25 अंक गिरा है।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट ने बांग्लादेश के इस खराब प्रदर्शन का कारण बांग्लादेश में चुनाव में कथित धांधली और छात्रों के जबरदस्त आंदोलन के बाद शेख हसीना (Sheikh Hasina) को प्रधानमंत्री से हटाया जाना बताया है। रिपोर्ट ने कहा है कि जनवरी 2024 में हुआ बांग्लादेश के आम चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी (शेख हसीना की पार्टी) पर विपक्षी दलों ने कथित तौर पर धांधली के आरोप लगाए गए थे।
इसके अलावा 2024 के जून-जुलाई में नौकरी में आरक्षण के मुद्दे पर छात्रों में जो अशांति फैली (Student Movement in Bangaldesh) और इसके जलते जो विरोध प्रदर्शन हुए, उसने पूरे विश्व में बांग्लादेश की छवि को धब्बा लगाया था। सिर्फ इतना ही नहीं 5 अगस्त को तख्तापलट के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा था। इसके चलते इस लोकतंत्र सूचकांक में 0-10 के पैमाने पर 1.44 अंक की गिरावट आई है।
भारत, पाकिस्तान का क्या हाल?
बता दें कि डमोक्रेसी इंडेक्स 2024 में भारत की रैंक 167 देशों में 41वीं रही (Democracy Index 2024 of India) है। पाकिस्तान की 124वीं, भूटान की 79वीं, नेपाल की 96वीं रैंक है। वहीं अफगानिस्तान (Afghanistan) इस रिपोर्ट में सबसे निचले 167वें स्थान पर है। इसे लेकर रिपोर्ट के निदेशक जोन होए ने भी कहा कि दुनिया के लोकतंत्र संघर्ष कर रहे हैं। इसमें अब बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।
किन पैमानों पर तय किया जाता है सूचकांक
डेमोक्रेसी इंडेक्स की रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट के मुताबिक इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए मुख्य तौर पर 60 संकेतकों पर ध्यान दिया जाता है। इन्हें भी 5 भागों में बांटा गया है- चुनावी प्रक्रिया, सरकार का कामकाज, राजनीतिक भागीदारी, राजनीतिक संस्कृति और नागरिकों की आजादी। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए ये रिपोर्ट तैयार की जाती है।