एक लाख का पानी सिस्टम तीन साल से कबाड़ में
साल 2022 में तहसील कार्यालय में ठंडा व फिल्टर पानी लोगों को उपलब्ध कराने परिसर में लगभग एक लाख रुपए की लागत से टंकी व फिल्टर मशीन लगाई गई थी, लेकिन कुछ दिन ही इसका लाभ मिला। बाद में सिस्टम खराब हुआ तो उसे निकालकर कबाड़ खाने में रख दिया गया। भीषण गर्मी में रोजना यहां सैकड़ों की संख्या में आने वालों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। यह भी पढ़े : मरम्मत कराने पीएचई को लिखा पत्र
जानकारी मिल रही है कि तहसील कार्यालय के खराब पड़े ठंडे पानी के सिस्टम को ठीक करने तहसील कार्यालय ने पीएचई को पत्र लिखा है। अभी तक तो इसकी मरम्मत नहीं हुई है।
जिला कोर्ट, तहसील, पटवारी व एसडीएम कार्यालय एक जगह
तहसील कार्यलय परिसर के सामने अव्यवस्थित पार्किंग के कारण व्यवस्था चरमरा जाती है। जिला कोर्ट, तहसील कार्यालय, पटवारी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय एक ही जगह होने के कारण बड़ी संख्या में लोग विभागीय कार्य से आते हैं। जहां जगह मिलती है, वहां अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। जिससे कार्यालय पहुंच मार्ग संकरा हो जाता है। यह भी पढ़े : एसडीएम, तहसीलदार को भी होती है परेशानी
अव्यवस्थित पार्किंग से सबसे ज्यादा परेशानी एसडीएम, तहसीलदार को होती है। इनके शासकीय वाहन कार्यालय के अंदर जाते हैं, लेकिन बाहर यत्र-तत्र खड़ी मोटरसाइकिल, कार, साइकिलों से कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि उनके वाहन भी नहीं निकल पाते हैं।
पार्किंग व्यवस्था सुधारने पहल करें
तहसील कार्यालय परिसर के बाहर खड़े वाहनों को व्यवस्थित जगहों में पार्किंग करने की व्यवस्था संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को करनी चाहिए। अनदेखी चलती रही तो व्यवस्था कभी सुधर नहीं पाएगी।
सड़क पर न खड़ा करें वाहन
जिला यातायात प्रभारी ने राकेश ठाकुर ने कहा कि सड़क किनारे वाहनों को खड़ा न करें। न ही किसी कार्यालय के सामने गेट पर। कहीं शिकायत मिली तो विभाग कार्रवाई करेगा। वहीं बालोद तहसीलदार आशुतोष शर्मा ने कहा कि पानी की समस्या है। जल्द ही यहां आने वाले लोगों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।