Indian Students Abroad: ये देश निकल रहे आगे
दूसरी ओर, शीर्ष चार देशों (अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया) में नामांकन में समग्र गिरावट के बीच जर्मनी, रूस, फ्रांस, आयरलैंड और न्यूजीलैंड में भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। शिक्षाविदों का आकलन है कि अब भारतीय छात्र पारंपरिक शिक्षा गंतव्यों से आगे बढ़ रहे हैं। देशों की बदलती वीजा नीतियां, पढ़ाई के दौरान और बाद में इसके खर्च और नौकरी के अवसर उनके अध्ययन चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि भारत के 72 फीसदी छात्र अब भी कनाडा, अमरीका और ब्रिटेन ही अध्ययन लिए जा रहे हैं और ये तीनों देश अब भी शीर्ष तीन देश बने हुए हैं।
Indian Students: भारतीय छात्रों ने चीन को छोड़ा पीछे
उधर, फरवरी 2025 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मामले में भारत ने पहली बार चीन को पीछे छोड़ दिया। नए आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान छात्र वीजा अनुमोदन प्राप्त करने वाले देशों की सूची में भारत सबसे आगे रहा। इस अवधि में 2,734 से अधिक भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन वीजा जारी किया गया, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 2,398 था। जबकि चीन को कुल 3,573 वीजा जारी किए गए। इस वर्ष अब तक ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों को 5,000 से अधिक वीजा जारी किए हैं। सितंबर 2023 तक, ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों में लगभग 122,391 भारतीय छात्र नामांकित थे, और ऑस्ट्रेलिया में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों के मामले में भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार और विश्वविद्यालयों ने हाल ही में भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें छात्रवृत्ति, छात्र विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं।
भारतीय छात्रों की संख्या में परिवर्तन (2023-2024)
देश | 2023 | 2024 | कमी (%) |
---|---|---|---|
कनाडा | 233,532 | 137,608 | -41% |
अमरीका | 234,473 | 204,058 | -13% |
ब्रिटेन | 136,900 | 98,900 | -28% |
ऑस्ट्रेलिया | 78,093 | 68,572 | -12% |
जिन देशों की ओर भारतीय छात्रों ने रुख (2022-2024)
देश | 2022 | 2024 | वृद्धि (%) |
---|---|---|---|
जर्मनी | 20,684 | 34,702 | 68% |
रूस | 19,784 | 31,444 | 59% |
फ्रांस | 6,406 | 8,536 | 33% |
न्यूजीलैंड | 1,605 | 7,297 | 354% |
आयरलैंड | 4,701 | 7,036 | 49% |