वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर परिषद् की जेसीबी को मौके पर आकर गड्ढे को वापस खोदा। करीब 20 घंटे की गड्ढे की खुदाई के बाद चमत्कार हो गया, सभी छह बच्चे जिंदा निकले। जिसके बाद मादा श्वान ने अपने बच्चों को दूध पिलाया।
लोगों ने की कार्रवाई की मांग
गौरतलब है कि सोमवार शाम को नगर परिषद् कार्मिकों ने मृत पशुओं निस्तारण करते वक्त श्वान के 6 बच्चों को जिंदा दफना दिया। पर्यावरण संगठनों से जुड़े लोगों ने घटना का विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना का वीडियो वायरल होने से प्रशासन भी हरकत में आ गया। इस दौरान प्रशिक्षण आईपीएस काम्बले शरण गोपीनाथ, उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार चौधरी, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पंहुचे। जिस पर नगर परिषद् की जेसीबी को मौके पर बुलाया गया एवं श्वान के पिल्लों को जिंदा दफनाने वाली जगह की खुदाई शुरू की। करीब 15 मिनट की खुदाई करने के बाद श्वान के छह बच्चे जिंदा मिल गए।