एक दिन पहले आया था राकेश का नाम
शाखा प्रबंधक ने बताया कि 2 दिन पहले धान चोरी के मामले में दुर्गेश चौधरी नामक युवक से पूछताछ की गई थी, उसमें उसने पहले यह बता दिया था कि धान राकेश शर्मा के द्वारा चोरी कराई जा रही है। उसे बाजार में बेचा जा रहा है। इस पर पुलिस ने राकेश शर्मा के यहां भी पहुंच कर जांच की थी। वहां से कुछ नहीं मिला। इस मामले में राकेश शर्मा ने बड़वारा थाने में पुलिस को जानकारी दी है कि धान व बोरियां ब्रजमोहन शर्मा और आशीष शर्मा के खेत में मिली हैं। उसका नाम बेवजह शामिल किया गया। जब टीम ने जांच की तो सत्यता सामने आई कि धान व बोरियां ब्रजमोहन के खेत में बने मकान में व खाली बोरियां भग्गू के यहां मिली हैं। आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बड़वारा थाने में दिया गया है।
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मिलिंग के लिए भेजी जाने वाली धान की चोरी की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस के साथ बृजमोहन शर्मा व भग्गू के यहां जांच की गई। बृजमोहन के यहां 156 खाली बोरी व 98 बोरी धान सहित भग्गू के यहां 350 बोरियां मिली हैं। राकेश शर्मा का गलत नाम दुर्गेश द्वारा बता दिया गया था।
सत्येंद्र प्रजापति, शाखा प्रबंधक, एसडब्ल्यूसी।
स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के शाखा प्रबंधक ने धान चोरी के मामले में पत्र दिया है। धान व बोरिया ब्रजमोहन शर्मा व भग्गू सिंह के पास से बोरियां मिलना बताया है। इसमें गड़बड़ी स्पष्ट नहीं की है। इसलिए इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
किशोर कुमार द्विवेदी, थाना प्रभारी बड़वारा।