इधर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। मुख्यमंत्री 10 लाख की आर्थिक सहायता देने के वादा कर चुके हैं। कांग्रेस विधायकों की मांग पर मंत्री पटेल ने यह भी कहा कि यदि जांच में पाया जाता है कि मृत आदिवासी नक्सली नहीं था तो उसके परिवार के वरिष्ठ सदस्यों को नौकरी दी जाएगी। एक करोड रुपए भी दिए जाएंगे।
क्या हुआ था 10 मार्च को
कान्हा नेशनल पार्क में पुलिस और नक्सलियों की कथित मुठभेड़ 10 मार्च को हुई थी। अधिकारियों ने बताया था कि पुलिस के एक दल और 18 से 20 नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। कई घंटों चली मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया।एसपी मंडला रजत सकलेचा ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की टीमें जंगल में पहुंच गई। यहां 18-20 नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। इसके बाद एक नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। नक्सलियों के दो समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया।
घटना पर उठे विवाद के बाद कान्हा नेशनल पार्क का अमला कान्हा के कोर और बफर जोन में संयुक्त रूप से गश्ती अभियान चला रहा है। बताया गया कि त्यौहार को देखते हुए जंगलों में लकड़ी कटाने वाले और वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले अपराधी सक्रिय हो जाते है। इन्हीं अपराधियों पर नजर रखने के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व के वन कर्मी कोर व बफर जोन में अलर्ट है।