विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक का किया विरोध
दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने इस बिल का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।
आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों ने इसे संविधान के खिलाफ और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बिल के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। हालांकि लोकसभा में संख्याबल के हिसाब से एनडीए की स्थिति मजबूत है। फिर भी भाजपा ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया था। ताकि वे बिल पेश होने के दौरान सदन में मौजूद रहें। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास लोकसभा में 293 सांसद हैं। जबकि बिल पास करने के लिए 272 वोटों की जरूरत है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने क्या कहा?
बुधवार को लोकसभा में पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा “इस देश के लोगों को सावधान हो जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी ने देश में बहुत बड़ी शुरुआत की है। आज वक्फ की ज़मीनों पर कब्ज़ा कर अपने दोस्तों को दे देंगे। कल मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च की ज़मीनों पर कब्ज़ा कर अपने दोस्तों को दे देंगे। ये सिलसिला रुकने वाला नहीं है। देश के असल मुद्दे- बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा इत्यादि से ध्यान हटाकर भाजपा की ये देश में दंगा कराने की कोशिश है।’
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने क्या कहा?
वक्फ संशोधन विधेयक पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा “जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं उनकी मानसिकता पर मुझे तरस आता है। वक्फ संशोधन विधेयक ऐसे सभी लोगों को आगे बढ़ाने का काम करने वाला है। जिनके अधिकारों को छीना गया है। पिछले साल अगस्त में इस बिल को सदन में लाया गया था। जिसके बाद इस बिल को JPC को सौंप दिया गया था। JPC में पूरे हिंदुस्तान के लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं। अगर इस बिल के आने से हमारे गरीब मुसलमान भाई-बहनों को लाभ मिलता है। उनका विकास होता है तो मुझे समझ नहीं आता कि इन विपक्ष के नेताओं को आपत्ति क्या है।”
इस बिल के बाद क्या वक्फ संपत्तियां खत्म कर दी जाएंगी?
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू की मानें तो इस वक्ल संशोधन बिल से कोई भी संपत्ति जिसे वैध रूप से वक्फ घोषित किया गया है। वह रद नहीं की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक बार जब कोई संपत्ति वक्फ घोषित कर दी जाती है। तो वह स्थायी रूप से उसी रूप में बनी रहती है। यह बिल केवल बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए नियमों को स्पष्ट करता है। यह बिल जिला कलेक्टर को उन संपत्तियों की समीक्षा करने की अनुमति देता है। जिन्हें गलत तरीके से वक्फ संपत्ति घोषित किया जा सकता है। खासकर यदि वे वास्तव में सरकारी संपत्ति हों। वैध वक्फ संपत्तियां संरक्षित रहेंगी।