पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विजय बीते कुछ समय से मानसिक तनाव में था। पुलिस उपायुक्त (रेलवे) केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि विजय वर्मा मिंटो रोड स्थित CGRC कॉम्प्लेक्स के स्टाफ क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रह रहा था। कुछ समय पहले ऑफिस में उसके खिलाफ एक मामले में आरोप लगाए गए थे, जिससे वह काफी व्यथित था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपों के चलते वह खुद को अकेला और परेशान महसूस कर रहा था। पुलिस के अनुसार विजय ने आत्महत्या से कुछ दिन पहले, एक अप्रैल को अपने परिजनों को कुछ ऑडियो संदेश भेजे थे। इन संदेशों में उसने स्पष्ट रूप से बताया कि उसके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वे पूरी तरह से झूठे हैं। उसने कहा कि उसने कोई गलती नहीं की, फिर भी उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। ऑडियो में विजय ने यह भी कहा कि वह अब और अधिक सहन नहीं कर पा रहा है।
ऑडियो मैसेज में परिवार वालों से मांगी माफी
इन ऑडियो क्लिप्स में उसकी पीड़ा और मानसिक हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। वह अपने परिवार से माफी मांगते हुए कहता है कि वह चाहकर भी इस मानसिक तनाव से बाहर नहीं निकल पा रहा है। उसके मुताबिक ऑफिस का माहौल और लगातार मिल रहे दबाव ने उसे आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मृतक के फोन व अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
ऑफिस के झूठे आरोपों से परेशान था विजय
राजधानी दिल्ली में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक 23 वर्षीय युवक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विजय वर्मा के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के भिंड जिले का निवासी था और दिल्ली के झंडेवाला क्षेत्र में स्थित आयकर विभाग में संविदा कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था। विजय वर्मा अपने परिवार के साथ मिंटो रोड स्थित CGRC कॉम्प्लेक्स के स्टाफ क्वार्टर में रह रहा था। पुलिस उपायुक्त (रेलवे) केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि युवक पर हाल ही में ऑफिस के एक मामले में झूठे आरोप लगे थे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विजय ने 1 अप्रैल को अपने परिवार को कई ऑडियो संदेश भेजे थे, जिनमें उसने कहा था कि वह निर्दोष है लेकिन ऑफिस में उसे बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है।
रेल मेमो से खुला मामला, मोबाइल से हुई पहचान
शनिवार दोपहर नई दिल्ली स्टेशन पुलिस को एक रेल मेमो प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया कि सिग्नल नंबर 144 के पास 1536/3 किलोमीटर के खंड पर एक व्यक्ति ट्रेन के नीचे आ गया है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को घटनास्थल पर एक मोबाइल फोन मिला, जिसकी मदद से मृतक की पहचान विजय वर्मा के रूप में की गई। डीसीपी (रेलवे) केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रेन चालक से मिली जानकारी के अनुसार, युवक पहले ट्रैक के पास बैठा हुआ था और जैसे ही सामने से ट्रेन आई, वह अचानक उसकी ओर दौड़ पड़ा और खुद को ट्रेन के आगे फेंक दिया। विजय का शव LHMC (Lady Hardinge Medical College) की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है और मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि विजय के मोबाइल और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों को और स्पष्ट किया जा सके। विजय की इस आत्महत्या ने एक बार फिर से कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।