CG Budget Session 2025: आज भी अधूरे पड़े काम
इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने रायपुर नगर निगम में हुए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी और कहा, एक बार इसका सर्वे करवाएंगे और इसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। प्रश्नकाल में विधायक साहू ने कहा, आज भी शहर में पेयजल की दिक्कत है। जो 8 कार्य हुए हैं, वो अधूरे हैं। सड़कों की जो खुदाई हुई थी, वह आज भी कहीं अधूरी पड़ी है। इस पर डिप्टी सीएम साव ने कहा, रायपुर शहर में कुल 70 वार्ड हैं। 70 वार्डों में से 20 वार्डों में अमृत योजना के अंतर्गत पानी की व्यवस्था की गई है। अमृत योजना में 20 वार्डों में पानी की सप्लाई की व्यवस्था हुई। स्मार्ट सिटी योजना से 6 वार्डों का और अमृत, स्मार्ट सिटी, पीएचई मिलाकर 12 वार्डों में नल के कनेक्शन के माध्यम से पानी की सप्लाई हो रही है। वार्ड नबर 1, 2, 6, 7, 9, 10, 32, 52, 67, 68, 61, 23, 19, 20, इन 13 वार्डों में इस योजना से नल कनेक्शन नहीं हुए हैं। 19 वार्ड हैं, जहां पर आंशिक रूप से नल कनेक्शन हुए हैं।
बंद हुए मिनी प्लांट के श्रमिकों को मिलेगा मुआवजा
विधानसभा के प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रदेश में बंद हुए मिनी स्टील प्लांट और रोलिंग मिल का मुद्दा उठाया। डॉ. महंत ने कहा, सरकार ने औद्योगिक नीति बनाई, लेकिन
राजनांदगांव में एक साल में ही 5 उद्योग बंद हो गए। ये वित्तीय कारणों से बंद होना बताया गया। इनको सहयोग क्यों नहीं दिया गया। मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि जो बंद 5 उद्योग के बारे में बताया गया है, उनको भी उद्योग विभाग के नियमों के अनुसार सब्सिडी दी गई।
उनको ब्याज अनुदान में 75 लाख 31 हजार और स्थायी पूंजी में 60 लाख की सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि 2023 में भी कांग्रेस के समय 18 उद्योग बंद हुए हैं। इस पर डॉ. महंत ने पूछा कि बंद हुए उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी गई है क्या? इस पर मंत्री बताया कि किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। नेता प्रतिपक्ष की मांग पर मंत्री ने कहा, श्रम विभाग के नियमों के तहत श्रमिकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
डिप्टी सीएम करवाएंगे दोबारा काम
विधायक मूणत ने पूछा, क्या किसी ने साइड पर डीपीआर बनाने के लिए सर्वे किया? अगर सर्वे किया है तो क्या उसका सत्यापन हुआ? इस पर डिप्टी सीएम साव ने कहा, निगम रायपुर से संबंधित जोन क्षेत्रांतर्गत जल कार्य से सबद्ध अभियंता लाइनमैन के माध्यम से जानकारी संलग्न कर कंसल्टेंट मेसर्स आईपीई ग्लोबल दिल्ली द्वारा ड्राईंग डिजाइन तैयार कराया गया। इसके आधार पर ही काम हुआ है। इस पर मूणत ने कहा, रायपुर में 75 प्रतिशत ओवरलैपिंग हुई है। आपको तथ्यात्मक प्रूफ के साथ लाकर इस सदन में बता दूंगा। उन्होंने कहा, पाइपलाइन बिछाने के लिए निगम से एनओसी नहीं ली गई। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा, आपके पास कोई तथ्य है, तो दीजिएगा। इसकी जांच करा लेंगे।
विधानसभा में जलजीवन मिशन के तहत स्रोत विहीन स्थानों का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अपने ही मंत्री को घेरते हुए कहा, गांवों में जल स्रोत के बिना ही पाइप लाइन बिछा दी और पानी की टंकी बना दी गई। यह खुला करप्शन है। इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, किसी भी ठेकेदार का जब तक काम पूरा नहीं होगा 70 फीसदी से अधिक भुगतान नहीं करेंगे और जब तक योजना पूरी तरह से संचालित नहीं होगी, भुगतान नहीं होगा।
स्रोत नहीं पाया गया योजना या पूरी नहीं हुई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। विधायक ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि 16 दिसंबर 2024 को सदन में डिप्टी सीएम ने जिलेवार जानकारी देने की बात कहीं थीं, लेकिन आज तक जानकारी नहीं मिल सकी है। इससे पता चलता है कि विधानसभा में मंत्री के कथन को लेकर अफसर कितने गंभीर है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, यदि जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता है, तो उसे विभागों को उपलब्ध करना चाहिए।
विपक्ष का बहिर्गमन
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने
कांकेर जिले में जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया। इस पर डिप्टी सीएम साव ने बताया कि कांकेर जिले के विकासखंड चारामा, भानुप्रतापपुर और दुर्गूकोन्दल में 355 ग्रामों में नल जल कनेक्शन दिया गया है। इस पर मंडावी ने कहा, यह जानकारी सही नहीं। सभी जगह से इसकी शिकायतें मिल रही है। इस पर पूर्व मुयमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, डिप्टी सीएम संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। हम बहिर्गमन करते हैं। इस पर सत्ता पक्ष ने भी चुटकी लेते हुए कहा, पता ही नहीं चलता है कि विपक्ष का नेता कौन है?
राज्यपाल के अभिभाषण पर आपत्ति
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई होने से पहले विधायक अजय चंद्राकर ने एक बिंदु पर आपत्ति जताई। सवाल खड़े किए, जिसको लेकर स्पीकर ने सरकार से अपने जवाब में स्थिति स्पष्ट करने की व्यवस्था दी। चंद्राकर ने कहा, अभिभाषण के पृष्ठ 14 में उल्लेख किया गया है कि मेरी सरकार 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई करवा रही है। मैं जानना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ में ऐसी कौन सी 18 भाषाएं हैं, जिसमें पढ़ाई हो रही है? यह उल्लेख टंकण त्रुटि है या सत्य है, यह सत्यापित किया जाना चाहिए। मेरा कहना है कि महामहिम से ऐसा कथन नहीं कहलवाना था। इस पर आसंदी ने व्यवस्था देते हुए कहा कि मुयमंत्री भी सदन में मौजूद है। जब उनका उत्तर आएगा तो इस विषय पर प्रकाश डालेंगे और बातों को स्पष्ट करेंगे।
धार्मिक विषयों पर पक्ष-विपक्ष में तकरार
विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण में चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। कुंभ स्नान, हज यात्रा जैसे धर्मिक विषयों पर हंगामा हुआ। भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, कांग्रेस को कुंभ स्नान से परहेज है, हज पर आपत्ति नहीं है। धर्मजीत के बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई। उमेश पटेल ने कहा, केंद्र में आपकी सरकार है, हज पर सब्सिडी बंद कर दो। विधायक धरमजीत सिंह ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा, कांग्रेस कोमा में है। सभी जगहों पर कांग्रेस की हार हो रही है। हज के लिए सरकारी पैसा जाता है तो कांग्रेस को आपत्ति नहीं होती। महाकुंभ में जाने के लिए कांग्रेस को आपत्ति है। हज वालों के भरोसे कांग्रेस राजनीति कर रही है।
जय सतनाम के नारे
चर्चा के दौरान बलौदाबाजार अग्निकांड पर सदन गरमाया। विधायक रामकुमार यादव ने जैतखाम में तोड़फोड़ मामले की जांच करने की बात कही। उन्होंने कहा, जैतखाम को तोड़ने वालों के खिलाफ आवाज उठाने वाले को जेल भेज रहे हैं। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों तरफ से जय सतनाम के नारे लगाए गए।
उमेश पटेल ने ओपन डिबेट की दी चुनौती
CG Budget Session 2025: राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा, भाजपा धर्म की राजनीति करती है। हज के लिए सब्सिडी मिलती है, उसको क्यों बंद नहीं करते। आस्था के ऊपर सिर्फ प्रश्न चिन्ह ही लगाते रहेंगे। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल है, यहां कौशल्या माता का मंदिर बनवाया। सभी भाजपा के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, कोई नहीं गया। उमेश पटेल ने भाजपा को ओपन डिबेट करने की चुनौती भी दी। कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने सरकार को 5 साल बाद पता चलने की बात कही। इस पर केदार कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि इधर से आलू निकलते हैं, उधर से सोना, उसको समझा दीजिएगा।