ये है पूरा मामला
दरअसल, नमाज के दौरान वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधने की बात पर विवाद हुआ। मुस्लिम त्यौहार कमेटी के अध्यक्ष शकील अहमद और एक युवक सैयद सावेश अली के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस हुई, जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गई। सैयद सावेश अली का कहना था कि उसने उलेमाओं की अपील पर काली पट्टी बांधी है, जबकि शकील अहमद ने इसका विरोध किया।
इसलिए बढ़ा विवाद
सब इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह चौधरी ने जानकारी दी कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जौहर की नमाज के समय मकबरा मस्जिद में नमाज पढ़ने आए मुस्लिम त्यौहार कमेटी अध्यक्ष शकील अहमद और युवक सैयद सावेश अली के बीच काली पट्टी बांधने को लेकर विवाद हुआ। विवाद के दौरान शकील अहमद और उनके दो भाइयों ने सैयद सावेश अली और उसके साथियों पर हमला कर दिया। हमले में सैयद नवेद अली, सैयद अहद अली, सैयद शारिक अली और सैयद सावेश अली घायल हो गए। मस्जिद में मची भगदड़
इस घटना में एक अन्य व्यक्ति साऊद पठान के हाथ में भी चाकू से चोट लगी। सैयद नवेद अली की हालत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। दो अन्य घायल अहद अली और सारिक अली को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के कारण मस्जिद में नमाज के दौरान भगदड़ मच गई और मस्जिद के फर्श पर खून गिरने से नमाज एक घंटे देर से पढ़ाई गई।
पुलिस ने बताई वजह
थाना प्रभारी राजीव उइके ने बताया कि फरियादी सैयद सावेश अली पिता सैयद शौकत अली की रिपोर्ट पर शकील, लईक और नवेद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर कर रही है।