इधर, महिला के पति ने बताया कि पत्नी को 18 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां पर डॉ लक्ष्मी जायसवाल ने कहा कि ऑपरेशन करना है, इसे कुछ मत खिलाइएगा। इसके बाद अगले दिन डॉक्टर नहीं आई। 20 मार्च को पत्नी कुछ भी नहीं खिलाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने फोन भी नहीं उठाया।
जब पत्नी की स्थिति बिगड़ने लगी तो पति ने कलेक्टर ऋजु बाफना को फोन कर पूरी बात बताई। फिर कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद डिलीवरी कराई गई, लेकिन इस दौरान नवजात मृत हालत मिला।
इस पूरे मामले पर सीएमएचओ का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी लेकर कुछ कहा जाएगा।