पुलिस के अनुसार कुंभ स्नान के बाद घर लौटने के दौरान थकान होने पर कुंभ यात्री डेरापुर थाना क्षेत्र के धनवापुर स्थित एक ढाबा पर आराम करने के लिए रुके थे। रात में लघुशंका के लिए गए शिक्षक को हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी।इस दौरान शिक्षक मोहन लाल की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
ढाबे पर रुके थे श्रद्धालु
शुक्रवार को मोहन लाल अपनी पत्नी ज्योति, ससुर रामकिशन शर्मा, रिश्तेदार महेन्द्र शर्मा, उनकी पत्नी सुशीला, गोवर्धन शर्मा और चालक शिवराज दरोगा के साथ कुंभ स्नान करने के लिए निकले थे।
शनिवार को संगम में स्नान करके वापस लौटने के दौरान अधिक थकान होने पर वह लोग रात 11 बजे के करीब कानपुर-इटावा हाईवे पर थनवापुर स्थित पंजाबी डाबा पर रुक कर आराम करने लगे। सुबह 3 बजे के करीब जागे साथियों को मोहनलाल गायब मिले तो उन्होंने तलाश शुरू की।
घाटी विद्यालय में कार्यरत थे मोहनलाल
ग्रामीणों ने बताया कि मोहन लाल घाटी गांव के सरकारी विद्यालय में शिक्षक है। शिक्षक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। दिन भर घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
पुलिस ने बताया कि अनहोनी पर परिजन रोने लगे। परिजन ने लघु शंका के लिए जाने के दौरान हादसा होने की बात कही है। ढाबा से कुछ ही दूरी पर हाईवे पर उन्हें एक क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। रामकिशन शर्मा ने अंगूठी से शव की शिनाख्त दामाद मोहनलाल के रूप में की।