विवाद तब शुरू हुआ, जब सोमैया द्वारा संचालित एक वाट्सएप ग्रुप में कांग्रेस विधायक एएस पोन्नन्ना के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट आई। केवल पांच दिन तक ग्रुप एडमिन रहने के बावजूद सोमैया को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जिस कारण उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया और उच्च न्यायालय द्वारा एफआईआर पर रोक लगा दी गई, लेकिन उसने दावा किया कि उत्पीडऩ जारी रहा।
अपने नोट में सोमैया ने विशेष रूप से कांग्रेस पदाधिकारी तेनीरा महेना, विधायक एएस पोन्नन्ना और अन्य को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आशंका जताई कि अदालत के स्थगन आदेश के बावजूद अधिकारी उन्हें राउडी-शीटर करार देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अंतिम अनुरोध में कर्नाटक भाजपा से उनके परिवार को आर्थिक रूप से सहायता करने के लिए कहा।
भाई ने की पुलिस से शिकायत
सोमैया के भाई जीवन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि महिना, पोन्नना, विधायक विराजपेट, मंथुर गौड़ा और उनके समर्थकों ने उन्हें प्रताडि़त किया। जीवन ने कहा कि उच्च न्यायालय के स्थगन के बावजूद, सोमैया को उपद्रवी सूची में डालने की धमकियों के साथ उत्पीडऩ जारी रहा।
पोन्नन्ना ने किया आरोपों से इनकार
दूसरी ओर, एएस पोन्नन्ना ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका दावा है कि वे सोमैया या महिना में से किसी को नहीं जानते और उन्होंने कभी भी एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध नहीं किया। गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मामले की डीसीपी स्तर की जांच कराने का वादा किया, लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया में आने वाली सभी बातें सही नहीं है।
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी
बीवाई विजयेंद्र सहित भाजपा नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और सोमैया की मौत के आसपास की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग की। भाजपा ने राज्य सरकार से विनय सोमैया की मौत के लिए कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। सोमैया ने कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ताओं द्वारा उत्पीडऩ और अपमान का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो पार्टी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही कांग्रेस : विजयेंद्र
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने एक बयान में आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं को तेजी से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, हमारे कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है। बिना किसी वैध कारण के एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और हमारी पार्टी के सदस्यों को प्रताडि़त किया जा रहा है। विनय सोमैया के मृत्यु नोट से पता चलता है कि लगातार दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया। उन्होंने आगे कहा कि मैं गृह मंत्री जी. परमेश्वर से आग्रह करता हूं कि वे इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखें और जांच करें कि क्या कोई विधायक या अन्य व्यक्ति इस मामले में शामिल थे और सख्त कार्रवाई शुरू करें।
सीबीआई जांच की मांग
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष छलवादी नारायणस्वामी ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अग्रिम जमानत के बावजूद विधायक के दबाव में कोड़गु पुलिस विनय को तलाश रही थी। जिस कारण आहत विनय ने आत्महत्या की है। विनय को कांग्रेस विधायक मंथर गौडा ने भी कई बार धमकाया है। उसके पश्चात कोड़गु पुलिस विनय सोमय्या के किसी हिस्ट्रीशीटर जैसा बर्ताव कर रही थी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, प्रवक्ता अश्वथनारायण बेंगलूरु, उत्तर जिला भाजपा इकाई के अध्यक्ष एस.हरीश भी उपस्थित थे।