जिला जेल के सहायक अधीक्षक आशीष मंजना ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य कैदियों को महाकुंभ और महाशिवरात्रि के पावन अवसर से वंचित न रखना था। जेल में बंद कैदियों के लिए उनके परिवार के सदस्यों ने प्रयागराज से पीतल के कलश में 5 लीटर गंगाजल लाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद, जेल परिसर में बने कृत्रिम कुंड में मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल डाला गया और कैदियों ने बारी-बारी से उसमें डुबकी लगाई।
यह पहली बार है जब छिंदवाड़ा जिला जेल में इस तरह का धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कैदियों ने गंगा स्नान और शिव पूजा का पुण्य लाभ लिया। जेल प्रशासन की यह पहल कैदियों के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्नान के बाद सभी कैदियों ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की, भजन-कीर्तन गाए और भोलेनाथ के जयकारे लगाए। आयोजन में कैदियों ने आध्यात्मिक शांति महसूस की और शिवरात्रि के महत्व को समझा। इस आयोजन को लेकर कैदियों में उत्साह देखा गया। जेल प्रशासन का मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से कैदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आता है। इस आयोजन से कैदियों को आत्मिक शांति और नई प्रेरणा मिली।