इस दौरान सीएम भजनलाल ने कृषक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को चैक वितरित किए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने कृषि संबंधी विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, सांसद मंजू शर्मा, सहकारिता सचिव मंजू राजपाल, कृषि सचिव राजन विशाल मौजूद रहे।
72 लाख से अधिक किसानों को मिला फायदा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार किसानों-पशुपालकों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। अन्नदाता की सेवा, उन्नति और खुशहाली को एकमात्र ध्येय मानकर राज्य सरकार ने नीतिगत निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के किसान कल्याण और उत्थान के संकल्प को पूरा करने में हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। सीएम शर्मा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभान्वित किसानों को बधाई दी। उन्होंने कबा कि योजना के तहत आज प्रदेश के 72 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 19वीं किस्त के रूप में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि आज का यह समारोह प्रधानमंत्री के किसानों को खुशहाल बनाने के संकल्प और समर्पण की एक मिसाल है। देश को प्रधानमंत्री की गारंटी पर पूरा भरोसा है।
‘बजट में किसानों के लिए अनेक प्रावधान’
उन्होंने आगे कहा कि बजट में किसानों के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं ताकि किसानों की समृद्धि की राह खुल सके। बजट में करीब 34 हजार सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता, ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई के लिए अनुदान के प्रावधान, आगामी वित्त वर्ष में 25 हजार फार्म पौंड, 10 हजार डिग्गी, 50 हजार सौर पंप संयंत्र तथा 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन के लिए 900 करोड़ रुपये के अनुदान के प्रावधान किए गए हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के 4 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
अब किसानों को मिलेंगे सालाना 9000 रुपए
बता दें कि सरकार ने राज्य बजट 2025-26 में बढ़ाकर 3000 रुपए करने की घोषणा की थी। मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू कर पीएम किसान सम्मान निधि योजना के समस्त पात्र किसानों को 2000 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जा रही थी। जिसे राज्य में अब योजना के पात्र किसानों को 8000 रुपए के स्थान पर 9000 रुपए प्रति वर्ष सम्मान निधि के रूप में मिलेंगे।