एकाएक घटित हुई इस घटना के बाद अन्य कर्मचारी घटना को देख सकते में आ गए। बताया जाता है कि रविवार रात्रि 2.30 बजे बोरतलाव के समीप किलोमीटर 945/80 में रेलवे के दर्जनभर कर्मचारियों के द्वारा मेंटेनेंस वर्क किया जा रहा था।
ट्रेन की चपेट में आए कर्मचारी
मेंटेनेंस वर्क खत्म होने के बाद सभी
कर्मचारी वापस अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्ही में से एक रवि शंकर बोंड़े पिता श्यामलाल भोंडे 51 वर्ष भी काम खत्म होने के बाद मेंटेनेंस के उपयोग में आने वाली कटर मशीन को ट्रैक से दूर ले जाने का कार्य कर रहे थे। तभी दूसरे ट्रैक पर अहमदाबाद से हावड़ा की ओर जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस गुजर रही थी। जिसको देख रवि शंकर भोंडे अपना बैलेंस खो बैठे व अहमदाबाद एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
रेलवे कर्मचारियों की माने तो रविशंकर अपने परिवार के साथ रेलवे कॉलोनी में निवास करते थे। उनकी तीन बेटियां हैं। इस दुखद घटना के बाद पूरे परिवार का बुरा हाल है। दोपहर 2 के करीब उनका पोस्टमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर बॉडी को परिवारजनों को सौंप दिया गया।