कर्मचारियों को आग बुझाने का तरीका न होने के कारण छोटी सी आग बुझाने में कई टैंक पानी लग जाता है। कुछ दिन पूर्व कचरा के ढेर में आग लगी थी, जहां तीन टैंक पानी आग बुझाने में लगा था। क्योंकि कर्मचारी सिर्फ पाइप पकड़कर पानी डालना ही जानते हैं, उन्हें आग बुझाने का तरीका पता नहीं है।
पिछले दिनों बसाहरी गांव के पास आग लगी थी और दमकल चालक तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाते हुए जा रहा था, खिमलासा रोड पर शिशु मंदिर स्कूल के एक पास तीन बाइक सवार लोगों को टक्कर मार दी, जिससे एक युवती के पैर में चोट आई है। गनीमत रही कि दमकल गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी नहीं।
नियमानुसार दमकल पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के पास बॉयलर सूट, सेफ्टी शूज, हेलमेट, ग्लब्ज आदि होना चाहिए, जो नपा ने उपलब्ध नहीं कराए हैं। सुरक्षा उपकरण न होने के कारण कर्मचारियों के घायल होने का डर बना रहता है। आग बुझाते समय वह भी झुलस सकते हैं।
तीन दमकल गाड़ियों पर तीन टीमें नियुक्त हैं। टीम में शामिल कर्मचारी प्रशिक्षित, तो नहीं है, लेकिन आग बुझाने का अनुभव हो गया है, जिससे उन्हें अब परेशानी नहीं होती है।
आरपी जगनेरिया, सीएमओ, बीना