लॉरेंस गैंग के गुर्गें आदित्य जैन को एक गलती पड़ी भारी, ऐसे AGTF के जाल में फंसा ‘टोनी’
Rajasthan Crime : अपराध और रंगदारी के लिए लॉरेंस गैंग की डिब्बा कॉलिंग खाड़ी के देश दुबई से चल रही थी। इसको अंजाम दे रहा था कुचामन सिटी का आदित्य जैन। पुलिस आदित्य को दुबई से जयपुर लेकर आई, पूछताछ में खुलेंगे राज।
Rajasthan Crime : अपराध और रंगदारी के लिए लॉरेंस गैंग की डिब्बा कॉलिंग खाड़ी के देश दुबई से चल रही थी। इसको अंजाम दे रहा था कुचामन सिटी का आदित्य जैन। आदित्य ने वहां अपना नाम बदल कर टॉनी रख लिया, लेकिन धमकी भरे कॉल में उसकी एक आवाज ने राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के कान खड़े कर दिए। एजीटीएफ ने पीछा शुरू किया तो आदित्य दुबई छोड़कर दूसरे देश भागने लगा, लेकिन रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के कारण वह दुबई एयरपोर्ट पर ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एजीटीएफ की टीम शुक्रवार को उसे यहां लेकर आई। एडीजीपी क्राइम दिनेश एम.एन. ने बताया कि आदित्य के खिलाफ राजस्थान में सात मामले दर्ज है। वहीं हरियाणा, यूपी, दिल्ली सहित अन्य राज्यों की पुलिस भी उसकी पूछताछ करेगी।
आदित्य का नाम सामने आने के बाद एजीटीएफ दुबई में उसका ठिकाना खोजने में जुट गई। इसके लिए वहां रहने वाले यहां के लोगों से सम्पर्क किया गया। जनवरी माह में पुलिस की एक टीम गोपनीय रूप से दुबई भी गई। ठिकाने का पता चलने के बाद चूरू के सरदारशहर में दर्ज ठगी के एक मामले में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया।
क्या है डिब्बा कॉलिंग
डिब्बा कॉलिंग अपराधियों के नियंत्रण कक्ष की तरह काम करता है। लॉरेंस, रोहित गौदारा व अन्य के कहने पर इस काम को संभालने वाला व्यक्ति नेट के माध्यम से दूसरे फोन से कॉल करता है। दोनों फोन के स्पीकर ऑन कर उन्हें विशेष प्रकार के डिब्बे में रख दिया जाता है। ऐसे में पुलिस के पास दोनों फोन की बात करने का कोई रिकॉर्ड नहीं आता। इससे पहले गैंग के लिए डिब्बा कॉलिंग का काम अमरजीत बिश्नोई करता था।
आदित्य जैन का वर्ष 2018 में चूरू की जेल में लॉरेंस गिरोह के सक्रिय सदस्य विरेन्द्र चारण से सम्पर्क हुआ। इसके बाद वह नेट कॉलिंग के जरिए रंगदारी की मांग करने लगा। पैसा दे सकने वाले लोगों के परिवार की जानकारी के साथ गिरोह के सदस्यों को हथियार उपलब्ध करवाता था।
विदेशों से अपराधियों को भारत लाने में सीबीआइ प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इंटरपोल चैनलों से सामंजस्य स्थापित कर अब तक 100 से अधिक अपराधियों को भारत लाया जा चुका है। लॉरेंस गिरोह के आदित्य जैन की गिरफ्तारी में भी सीबीआइ की प्रमुख भूमिका रही। राजस्थान पुलिस के कहने पर सीबीआई ने इस मामले में 18 फरवरी को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया था।
आदित्य गत वर्ष जनवरी माह में दुबई चला गया। वहां पर उसने दिखावे के लिए ट्र्रैवल्स का बिजनेस शुरू किया और लॉरेंस गैंग के लिए डिब्बा कॉलिंग करने लगा। डिब्बा कॉलिंग के दौरान वह अपनी आवाज में नहीं बोलता था। लेकिन एक व्यवसायी को धमकी के कॉल में उसकी आवाज आ गई। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसकी पासपोर्ट की जांच की तो आदित्य के दुबई में होेने की जानकारी मिली।