एक ओर जहां केन्द्र व राज्य सरकार लोगों को रोजगार से जोड़कर आर्थिक सम्बल प्रदान करने के लिए कई सारी नई योजनाएं बनाती रहती है। लेकिन खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ी हुई योजनाओं का किर्यान्वयन जमीनी स्तर पर नही होने से लोगों को रोजगार नही मिल पाता है। ऐसी ही एक प्रधानमंत्री पौषण शक्ति निर्माण योजना जिसको संक्षिप्त में पीएम पौषण योजना के नाम से भी जाना जाता है। जिसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को मध्यान्ह समय में भोजन खिलाया जाता है।
स्कूलों में मिड डे मील को बनाने के लिए स्थानीय महिलाओं को विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा कुक कम हेल्पर्स के रुप में नियुक्त कर रोजगार दिया जाता है। लेकिन असनावर उपखंड एवं झालावाड़, झालरापाटन, मंडावर क्षेत्र के करीब 150 सरकारी विद्यालयों में तीनधार में संचालित केन्द्रीकृत रसोईघर से भोजन आपूर्ति होने के कारण कुक कम हेल्पर्स को नियुक्त नही कर रखा है। क्षेत्र के स्कूलों में कुक कम हेल्पर्स के अभाव में रोजाना लंच के समय भोजन करने के बाद भोजन की थालियां एवं अन्य बर्तन खुद के नन्हे नन्हे हाथों से धोने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारत सरकार का यह है आदेश
पीएम पौषण योजना के बेहतर संचालन के लिए भारत सरकार के आदेश क्रमांक 1-3 डेस्क दिनांक 21 दिसम्बर 2022 के तहत जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार केन्द्रीकृत रसोईघर का विस्तार होने पर जो कुक कम हेल्पर्स भोजन बनाने में पहले से कार्यरत है उन्हें हटाया नही जाएगा। इसी आदेश में लिखा है कि स्थानीय कुक कम हेल्पर्स को रोजगार से जोड़े रखते हुए उनसे बच्चों को भोजन परोसने, भोजन खाने के बाद की थालियां व अन्य बर्तन साफ करने आदि काम के लिए विद्यालय में लगाए रखना होगा। मिड डे मील भोजन की आपूर्ति केन्द्रीकृत रसोईघर से होने वाले सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह समय में भोजन परोसने व बर्तन साफ करने की एवज में कुक कम हेल्पर को आधे मानदेय भुगतान करने का प्रावधान है।
प्रदेश के कई जिलों में मिल रहा आधा मानदेय
पीएम पौषण योजना के जानकार सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में केन्द्रीकृत रसोईघर से आपूर्ति वाले सरकारी विद्यालयों में कुक कम हेल्पर्स को केवल भोजन परोसने व बर्तन साफ करने के आधे मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। लेकिन झालावाड़ जिले में भारत सरकार एवं मिड डे मील आयुक्त के आदेश की पालना नही होने से पहले से कार्यरत स्थानीय महिलाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
इतनी महिलाओं को मिल सकता है रोजगार
रुपारेल तीनधार में संचालित केन्द्रीकृत रसोईघर से क्षेत्र के 150 सरकारी विद्यालयों में करीब 9 हजार विद्यार्थियों के लिए रोजाना भोजन की आपूर्ति की जाती है। विद्यार्थियों के नामांकन के अनुसार इन 150 विद्यालयों में करीब 7 सौ से 1 हजार कुक कम हेल्पर्स को नियुक्त कर रोजगार से जोड़ा जा सकता है। क्योंकि 1 से लेकर 50 विद्यार्थियों तक के नामांकन पर एक कुक कम हेल्पर को लगाने का प्रावधान है।
संस्था प्रधान बोले, बच्चे करते हैं थालियों की सफाई
उपखंड क्षेत्र के राउमावि अकतासा की अर्चना कुल्मी, राउमावि रुपारेल की अनीता मीणा, राउप्रावि झीतापुरा के भरतसिंह मीणा, राउप्रावि अकोदिया के रामदयाल मीणा आदि कई संस्था प्रधान ने बताया कि केन्द्रीकृत रसोईघर से जुड़े हुए विद्यालयों में कुक कम हेल्पर की नियुक्ति नही होने के कारण भोजन करने के बाद विद्यार्थी ही थालियां व बर्तन धोते हैं। पीएम पोषण योजना में आधे मानदेय पर भोजन परोसने व बर्तन साफ करने के लिए कुक कम हेल्पर्स को लगाने का कोई प्रावधान और गाइडलाइन नही है। केन्द्रीकृत रसोईघर से जुड़े हुए सरकारी विद्यालयों में थालियां व बर्तन विद्यार्थी ही धो लेते है। स्कूलों में साफ सफाई करने वाला व्यक्ति भी भोजन के बर्तन धो लेता होगा। पहले से जो व्यवस्था चला रखी है वही चल रही है।
हंसराज मीणा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक झालावाड़