ऐसे चला बचाव कार्य
-दोपहर 12.30 से 1 बजे के बीच में बालक बोरवेल में गिरा -दोपहर 1.30 बजे प्रशासन मौके पर पहुंचा -शाम 7.15 बजे एसडीआरएफ और 7.45 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। – सोमवार तड़के 3.55 बजे पर बालक को मृत अवस्था में निकाला गया।
पिता की माली हालत-
मृतक बालक प्रहलाद के पिता कालूराम बागरी आर्थिक ठीकनहीं है। वह तीन बीघा भूमि पर खेती करके अपना जीवन यापन करता है। उसके प्रहलाद से बड़ा एक पुत्र 7 वर्ष का है। गरीब कालूराम का परिवार कई वर्षों से अपना जीवन यापन कवेलूपोस के मकान में रहता है। 2021 में प्रधानमंत्री आवास मिलने से दो कमरे की छत बनकर तैयार हुआ जिसमें खुशियां आई ही थी कि पुत्र की मृत्यु के बाद खुशिया काफूर हो गई।
टीम ने आठ घंटे किया बचाव का प्रयास-
एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रेस्क्यू कार्य में शाम से बचाव कार्य मे जुटी जो अपने बचाव यंत्रों के साथ लगातार 8 घंटे तक प्रयास करती रही। कई बार प्रयास में असफलता मिली लेकिन टीमें बचाव कार्य में जुटे रही। एक बार तीन फिट ऊपर आते ही रस्सी टूट गई। दूसरी बात यंत्र टूट गया इस प्रकार से हार नहीं मानते हुए अंत में पूरे विश्वास के साथ बच्चे को बाहर निकलने में सफलता मिली। बच्चा बाहर आने का सभी प्रशासनिक अधिकारी व ग्रामीणों में उत्साह था, लेकिन जैसे ही बच्चा बाहर आया और डॉक्टर ने जांच कर मृत घोषित कर दिया तो सभी के चेहरे पर उदासी छा गई। परिजनों का कोहराम मच गया।
पूरी रात डटे रहे अधिकारी-
घटना स्थल पर जिला कलक्टर अजयसिंह राठौड, एसपी ऋचा तोमर, एडीएम सत्यनारायण आमेटा,एएसपी चिंरजीलाल मीणा, सीईओ शंभुदयाल मीणा, विधायक कालूराम मेघवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासन मौके पर पूरी रात डटा रहा।
सराहनीय प्रयास रहे-
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पूरी टीम के सराहनीय प्रयास रहे, लेकिन अंदर जगह बहुत कम होने से टीम का कोई उपकरण नीचे नहीं जा पा रहा था। बालक की दम घुटने की वजह से मौत हो गई।
ऋ चा तोमरए पुलिस अधीक्षक झालावाड़
सहायता दिलाई जाएगी-
बालक के परिजनों को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से सहायता दिलाई जाएगी। आरोग्य सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी। बालक को सुबह करीब पौने चार बजे निकाला गया। पूरा रेस्क्यू करीब 14 घंटे चला। पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से बालक की मौत बताई गई है। ऑक्सीजन पहुंचाई गईए लेकिन एक हाथ बच्चे के नाक पर आ गया। इससे उसके शरीर में ऑक्सीजन नहीं जा पाने की वजह से मौत हो गई। सभी टीमों ने पूरी रात बहुत ही तत्परता से काम किया।
अजयसिंह राठौड़, जिला कलक्टर झालावाड़