ब्यूरो के उप महानिरीक्षक हरेन्द्र कुमार महावर ने बताया कि नरेन्द्रसिंह से रिश्वत की राशि जब्त की गई है। परिवादी का आरोप है कि उसकी घर में ही फर्म चल रही है। जिसका वेरिफिकेशन कर पत्रावली काे आगे फॉरवर्ड करने, पेनाल्टी नहीं लगाने के बदले सीजीएसटी निरीक्षक नरेन्द्रसिंह ने रिश्वत मांगी थी। पीडि़त ने इस संबंध में एसीबी से शिकायत की।
ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन कराया, तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। तब एसीबी ने परिवादी को घूस देने के लिए सीजीएसटी निरीक्षक के पास भेजा था। परिवादी ने उसे चार हजार रुपए दे दिए। जो उसने जेब में रख लिए।
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