थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि जेल में बंदियों के पास मोबाइल व अन्य निषेध सामग्री होने की आशंका पर प्रशासन, पुलिस व जेल प्रशासन ने संयुक्त सर्च की। उपखण्ड मजिस्ट्रेट उत्तर प्रीतम कुमार, आइपीएस अधिकारी व एसीपी पूर्व हेमंत कलाल व जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत के नेतृत्व में बंदियों के वार्ड व बैरिकों की तलाशी ली गई। वार्ड-6 के बैरिक-2 में मटकी में छुपाकर रखे दो एन्ड्रॉयड मोबाइल व सिम, दो चार्जर, पांच डाटा केबल और जर्दे के छह पाउच मिले। इनके पास बंदी जगदीश दान, नदीम खां, किशनाराम व भैराराम रहते हैं। इनसे मोबाइल के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन इन्होंने अनभिज्ञता जताई। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ रातानाडा थाने में मामला दर्ज कराया गया। सिम व मोबाइल की जांच में स्पष्ट होगा कि मोबाइल किसके हैं और जेल में कैसे आए? संयुक्त सर्च शाम 4.35 बजे शुरू होकर शाम 6.10 बजे पूरा हुआ।
मटकी में मटकी, ऊपर धारीदार टी-शर्ट पहनाई
वार्ड-6 के बैरिक-2 के अंदर पानी की मटकी रखी हुई थी। उसके अंदर एक और मटकी थी। जिसे सीमेंट से बंद करके रखा गया था। इतना ही नहीं, किसी को मटकी नजर न आए, इसके लिए मटकी को धारीदार टी-शर्ट पहना दिया गया था।
जांच से स्पष्ट होगा किन-किन की भूमिका है…
‘पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि जेल में मोबाइल कैसे पहुंचे व इनके पीछे कौन-कौन शामिल हैं। तत्पश्चात अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ प्रदीप लखावत, अधीक्षक, जोधपुर, सेन्ट्रल जेल